क्या आप जानते हैं? जूनागढ़ किले का मूल नाम क्या था ? - Rajasthan Study

क्या आप जानते हैं? जूनागढ़ किले का मूल नाम क्या था ?

जूनागढ़ किला बीकानेर – सम्पूर्ण इतिहास, वास्तुकला और परीक्षा नोट्स | Junagarh Fort Rajasthan Study
जूनागढ़ किला बीकानेर राजस्थान – Junagarh Fort Bikaner Rajasthan
🏰 राजस्थान के दुर्ग — सम्पूर्ण अध्ययन

जूनागढ़ किला
बीकानेर, राजस्थान 🏰

राजस्थान का अजेय मैदानी किला — जो कभी नहीं जीता गया | इतिहास • वास्तुकला • महल • परीक्षा नोट्स

📍 बीकानेर, राजस्थान 🏗️ 1589–1594 ई. 🛡️ कभी नहीं जीता गया 🎯 RPSC | RAS | SI | Patwari
📷 Wikimedia Commons | CC BY-SA
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🛡️

राजस्थान का अजेय किला!

जूनागढ़ किला अपने 400+ वर्षों के इतिहास में कभी नहीं जीता गया — एकमात्र अपवाद है मुगल कामरान मिर्जा का सिर्फ एक दिन का अधिकार (1534 ई.)। यह राजस्थान के उन चंद किलों में है जो मैदान पर बने हैं, पहाड़ी पर नहीं।

⚡ एक नज़र में — महत्वपूर्ण तथ्य
📍
स्थान
बीकानेर शहर
राजस्थान
📅
निर्माण काल
1589–1594 ई.
(6 वर्ष)
👑
निर्माणकर्ता
राजा रायसिंह
(छठे शासक)
📛
मूल नाम
चिन्तामणि
(Chintamani)
🗼
बुर्ज
37 बुर्ज
7 दरवाजे
📐
क्षेत्रफल
5.28 हेक्टेयर
986 m दीवार
🏗️
निर्माण सामग्री
लाल बलुआ पत्थर
और संगमरमर
🛡️
विशेषता
कभी नहीं जीता गया
मैदानी किला
🌟 परिचय

राजस्थान के बीकानेर शहर के मध्य में स्थित जूनागढ़ किला राजस्थान के सबसे भव्य और सुरक्षित किलों में से एक है। यह किला इस दृष्टि से विशेष है कि यह पहाड़ी पर नहीं बल्कि समतल मैदान पर बना है — जो राजस्थान के किलों में बिरला है। थार मरुस्थल की रेतीली भूमि पर खड़ा यह किला अपनी अद्वितीय वास्तुकला, भव्य महलों और अभेद्य सुरक्षा के लिए प्रसिद्ध है।

किले का मूल नाम "चिन्तामणि" था। 20वीं शताब्दी में जब शाही परिवार लालगढ़ पैलेस में स्थानांतरित हो गया, तब इसे "जूनागढ़" (पुराना किला) कहा जाने लगा। आज यह किला एक प्रमुख संग्रहालय और पर्यटन स्थल है।

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जूनागढ़ किले का विशाल दृश्य – Junagarh Fort Bikaner panoramic view
🏰 जूनागढ़ किले का विशाल और भव्य दृश्य — बीकानेर, राजस्थान
📷 Wikimedia Commons | CC BY-SA 3.0 | commons.wikimedia.org/wiki/Category:Junagarh_Fort
📜 इतिहास एवं निर्माण

🏗️ किले की नींव — राजा रायसिंह

  • नींव दिवस: 17 फरवरी 1589 ई. — औपचारिक शिलान्यास समारोह
  • पूर्णता: 17 जनवरी 1594 ई. — कुल 6 वर्षों में निर्मित
  • निर्माणकर्ता: बीकानेर के छठे शासक राजा रायसिंह (शासन: 1571–1611 ई.)
  • निर्माण प्रभारी: राजा रायसिंह के प्रधानमंत्री करण चंद ने निर्माण की देखरेख की।
  • राजा रायसिंह अकबर और जहाँगीर के दरबार में सेनापति थे। युद्धों में मिले जागीरों (गुजरात, बुरहानपुर) से मिली आय से किले का निर्माण हुआ।
  • किले से पहले बीकानेर में 1478 ई. में राव बीका द्वारा बना एक पुराना पत्थर का किला था — जिसे इसके निर्माण के 100 वर्ष बाद ध्वस्त किया गया।
जूनागढ़ किले की लाल बलुआ पत्थर की दीवार – Junagarh Fort red sandstone wall
🏰 जूनागढ़ की लाल बलुआ पत्थर की भव्य दीवार
📷 Wikimedia Commons | CC BY-SA 4.0
जूनागढ़ किले की बे खिड़कियाँ – Junagarh Fort bay windows architecture
🪟 जूनागढ़ किले की सुंदर झरोखा-शैली खिड़कियाँ
📷 Wikimedia Commons | CC BY-SA 4.0
🎨 वास्तुकला — तीन शैलियों का संगम

जूनागढ़ किले की वास्तुकला को किसी एक शैली में नहीं बाँधा जा सकता। यह राजपूत, मुगल और गुजराती वास्तुकला शैलियों का अद्भुत संगम है। हर शासक ने अपने काल में यहाँ नए महल और संरचनाएँ जोड़ीं, जिससे यह किला विविध कला का एक जीवंत संग्रहालय बन गया।

आकृतिआयताकार (Rectangular / Quadrangular)
दीवार की लम्बाई986 मीटर (1,078 गज)
दीवार की ऊंचाई40 फीट (12 मीटर)
दीवार की चौड़ाई14.5 फीट (4.4 मीटर)
कुल क्षेत्रफल5.28 हेक्टेयर (63,119 वर्ग गज)
बुर्जों की संख्या37 बुर्ज
दरवाजों की संख्या7 दरवाजे (पोल)
खाई (Moat)गहराई 20-25 फीट, आधार चौड़ाई 15 फीट, शीर्ष 30 फीट
निर्माण सामग्रीलाल और सुनहरा बलुआ पत्थर (Dulmera), संगमरमर
स्थापत्य शैलीराजपूत + मुगल + गुजराती (मिश्रित)
किले का प्रकारमैदानी किला (Not on hilltop)
मुख्य विशेषतालाल-सुनहरे बलुआ पत्थर की पत्थर नक्काशी
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🚪 सात दरवाजे — सात पोल
पोल का नामदिशा / विशेषतामहत्व
सूरज पोल (Suraj Pol)पूर्व दिशा — सूर्योदय की ओरमुख्य प्रवेश द्वार — सूरज की पहली किरण यहाँ पड़ती है, हाथी की मूर्तियाँ
दौलत पोल (Daulat Pol)पश्चिम दिशा — दूसरा मुख्य द्वारयहाँ सती होने वाली रानियों के हाथों के निशान (Sati Stambh) अंकित हैं
करण पोल (Karan Pol)पूर्वी आंतरिक प्रवेशमहाराजा करण सिंह के नाम पर — अंदर जाने का द्वार
चाँद पोल (Chand Pol)आंतरिक द्वारचंद्रमा के नाम पर — रात्रि द्वार
त्रिपोलिया पोल (Tripolia Pol)तीन मेहराबदार द्वारतीन कमानों वाला भव्य आंतरिक प्रवेश
फतह पोल (Fateh Pol)आंतरिकविजय द्वार — युद्ध जीतने की स्मृति में
नक्कार खाना पोलआंतरिकयहाँ राजकीय सभाओं के समय नगाड़े बजाए जाते थे
🏯 किले के अंदर के भव्य महल

जूनागढ़ किले की सबसे बड़ी विशेषता इसके अंदर बने विभिन्न कालों के भव्य महल हैं। हर शासक ने अपना अलग महल बनवाया — इसीलिए यहाँ कला की कई परतें और शैलियाँ मिलती हैं।

🌸

फूल महल (Phool Mahal)

किले का सबसे पुराना महल — राजा रायसिंह द्वारा बनवाया गया। दीवारों और छत पर सुंदर पुष्प चित्र। राधा-कृष्ण की प्रेम कथाएं भित्तिचित्रों में उकेरी हैं।

🏆

करण महल (Karan Mahal)

महाराजा करण सिंह (1631–1639) द्वारा निर्मित। सार्वजनिक दरबार (दीवान-ए-आम) का काम करता था। औरंगजेब पर विजय की स्मृति में बनाया।

अनूप महल (Anup Mahal)

महाराजा अनूप सिंह (1669–1698) के शासन का स्वर्ण युग महल। बहुमंजिला इमारत — लाल और सुनहरी लाख की नक्काशी और काँच जड़ाऊ काम से सजा। राजा का आवास।

☁️

बादल महल (Badal Mahal)

बादलों का महल — दीवारों पर नीले बादलों के बीच राधा-कृष्ण के 450+ वर्ष पुराने भित्तिचित्र। नीले और सफेद रंगों का अद्भुत प्रयोग।

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चंद्र महल (Chandra Mahal)

चंद्रमा महल — संगमरमर के पैनल, दर्पण और चित्रकारी से सजा। नीले रंग का अनूठा अंदरूनी सज्जा। सबसे शानदार शयनकक्ष।

🌬️

हवा महल (Hawa Mahal)

वायु प्रवाह के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया महल। जालीदार खिड़कियों से थार मरुस्थल में भी शीतल हवा मिलती है।

🌊

गंगा महल (Ganga Mahal)

महाराजा गंगा सिंह (1887–1943) द्वारा 20वीं सदी में निर्मित। संग्रहालय गैलरी — प्रथम विश्वयुद्ध के हथियार और कलाकृतियाँ।

💫

दीवान-ए-खास

निजी दर्शक कक्ष — विशिष्ट अतिथियों और राजदूतों से मुलाकात का स्थान। सोने-चाँदी के सिंहासन और बेशकीमती कलाकृतियाँ।

जूनागढ़ किला बादल महल – 450 वर्ष पुराना जल-चित्र भित्तिचित्र
🎨 बादल महल में 450 वर्ष पुराना जल-चित्र (Fresco) — राधा-कृष्ण प्रसंग
📷 Wikimedia Commons | CC BY-SA 3.0 | commons.wikimedia.org/wiki/File:450_year_old_water_painting_of_Junagarh_fort,_Bikaner.JPG
📅 ऐतिहासिक कालक्रम
1472 ई.
बीकानेर की स्थापना
राठौड़ वंशी राव बीका (राव जोधा के पुत्र) ने बीकानेर शहर की स्थापना की। 1478 ई. में पुराना पत्थर का किला बनवाया।
1534 ई.
कामरान मिर्जा का एकमात्र आक्रमण
मुगल बाबर के पुत्र कामरान मिर्जा ने भटनेर पर हमला किया और मात्र एक दिन के लिए किले पर अधिकार कर सका — अगले दिन उसे छोड़ना पड़ा। यही किले का एकमात्र पतन है।
1589–1594 ई.
वर्तमान जूनागढ़ किले का निर्माण
राजा रायसिंह ने पुराने किले के बाहर नए भव्य जूनागढ़ किले का निर्माण प्रारंभ किया। शिलान्यास 17 फरवरी 1589, पूर्णता 17 जनवरी 1594 ई.। मूल नाम — चिन्तामणि
1631–1639 ई.
करण महल का निर्माण
महाराजा करण सिंह ने औरंगजेब के विरुद्ध विजय की स्मृति में करण महल बनवाया — दरबार-ए-आम का काम किया।
1669–1698 ई.
अनूप सिंह का स्वर्ण युग
महाराजा अनूप सिंह का शासनकाल बीकानेर के इतिहास में स्वर्ण युग माना जाता है। उन्होंने शानदार अनूप महल बनवाया — लाल-सुनहरी लाख नक्काशी और काँच जड़ाऊ काम के साथ।
1818 ई.
ब्रिटिश संरक्षण में बीकानेर
महाराजा सूरत सिंह के शासनकाल में बीकानेर ने ब्रिटिश राज की अधीनता स्वीकार की। इसके बाद महाराजाओं ने किले के जीर्णोद्धार पर भारी राशि खर्च की।
1887–1943 ई.
महाराजा गंगा सिंह का युग
बीकानेर के सबसे प्रसिद्ध महाराजा गंगा सिंह ने गंगा महल जोड़ा। वे प्रथम विश्वयुद्ध परिषद के सदस्य और वर्साय शांति सम्मेलन के प्रतिनिधि थे।
20वीं सदी
नामकरण — जूनागढ़
शाही परिवार के लालगढ़ पैलेस में स्थानांतरित होने के बाद इस किले को "जूनागढ़" (पुराना किला) कहा जाने लगा।
1961 ई.
संग्रहालय की स्थापना
अंतिम महाराजा डॉ. करणी सिंह ने किले में जूनागढ़ किला संग्रहालय स्थापित किया — हथियार, गहने, संस्कृत-फारसी पाण्डुलिपियाँ और शाही वस्त्र प्रदर्शित।
🏛️ संग्रहालय और दर्शनीय स्थल

🎭 जूनागढ़ किला संग्रहालय

  • स्थापना: 1961 ई. — महाराजा डॉ. करणी सिंह द्वारा
  • हथियार संग्रह: जेड हैंडल वाले खंजर, ऊंट की खाल के बंदूक, लम्बी बंदूकें
  • पालकियाँ और सिंहासन: सोने-चाँदी के हौदे (हाथी-ऊंट की सवारी के लिए)
  • पाण्डुलिपियाँ: संस्कृत और फारसी की दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियाँ
  • लघुचित्र (Miniature Paintings): बीकानेर शैली की उत्कृष्ट चित्रकारी
  • शाही वस्त्र और आभूषण
  • प्रथम विश्वयुद्ध के हथियार: गंगा महल गैलरी में
  • प्राचीना संग्रहालय: बीकानेर के बदलते सांस्कृतिक परिवेश का इतिहास

🛕 किले के मंदिर

  • हर मंदिर (Har Mandir): शाही परिवार का कुलदेवी मंदिर — संगमरमर नक्काशी और पारंपरिक राजस्थानी चित्रकारी।
  • रतन बिहारी मंदिर: भगवान कृष्ण और देवी लक्ष्मी को समर्पित।
  • जैन मंदिर: संगमरमर की बारीक नक्काशी — तीर्थंकरों की मूर्तियाँ, जैन पुराण के भित्तिचित्र।
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⭐ जूनागढ़ किले का महत्व

🌍 ऐतिहासिक, कला और सांस्कृतिक महत्व

  • अजेय किला: 400+ वर्षों में कभी नहीं जीता गया — राजस्थान के दुर्ग इतिहास की सबसे बड़ी विशेषता।
  • मैदानी किला: राजस्थान के उन गिने-चुने किलों में जो पहाड़ी पर नहीं बने — थार मरुस्थल की सुरक्षा ही किले की ढाल थी।
  • विविध वास्तुकला: राजपूत, मुगल और गुजराती शैलियों का अनोखा संगम।
  • कलात्मक धरोहर: लाल-सुनहरी नक्काशी, भित्तिचित्र, लाख कार्य और काँच जड़ाऊ — भारतीय कला का उत्कृष्ट नमूना।
  • संग्रहालय: हथियार, गहने, पाण्डुलिपियाँ और शाही कलाकृतियाँ — इतिहास का जीवंत दस्तावेज।
  • पर्यटन: बीकानेर का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल — हजारों देशी-विदेशी पर्यटक प्रतिवर्ष।

🕐 दर्शन समय और प्रवेश शुल्क

  • खुलने का समय: प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक
  • प्रवेश शुल्क: भारतीयों के लिए ₹50 | भारतीय विद्यार्थियों के लिए ₹30
  • कैमरा शुल्क: सामान्य ₹30 | वीडियो ₹100
  • सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में)
  • रेलवे से दूरी: बीकानेर रेलवे स्टेशन से लगभग 1 km
  • नोट: कुछ स्थानों पर फोटोग्राफी प्रतिबंधित है।
💡

परीक्षा टिप: जूनागढ़ किले से RPSC, RAS, Patwari, SI सभी परीक्षाओं में प्रश्न आते हैं — खासकर मूल नाम (चिन्तामणि), निर्माणकर्ता (राजा रायसिंह), निर्माण वर्ष (1589-1594), कभी नहीं जीता, मैदानी किला — ये 5 बिंदु जरूर याद करें!

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
जूनागढ़ किले का निर्माण किसने और कब करवाया?

जूनागढ़ किले का निर्माण बीकानेर के छठे शासक राजा रायसिंह ने 17 फरवरी 1589 ई. को प्रारंभ करवाया और 17 जनवरी 1594 ई. को पूर्ण हुआ। निर्माण प्रभारी उनके प्रधानमंत्री करण चंद थे।

जूनागढ़ किले का मूल नाम क्या था?

जूनागढ़ किले का मूल नाम "चिन्तामणि" (Chintamani) था। 20वीं शताब्दी में जब शाही परिवार लालगढ़ पैलेस में स्थानांतरित हुआ, तब इसका नाम "जूनागढ़" (पुराना किला) पड़ा।

क्या जूनागढ़ किला कभी जीता गया?

जूनागढ़ किला अपने इतिहास में लगभग कभी नहीं जीता गया। एकमात्र अपवाद है मुगल बाबर के पुत्र कामरान मिर्जा का सिर्फ एक दिन का अधिकार (1534 ई.) — जो अगले दिन ही समाप्त हो गया।

जूनागढ़ किला अन्य राजस्थानी किलों से कैसे अलग है?

जूनागढ़ किला मैदान में बना है — पहाड़ी पर नहीं। राजस्थान के अधिकांश प्रसिद्ध किले (अम्बर, मेहरानगढ़, चित्तौड़गढ़) पहाड़ियों पर बने हैं। यहाँ थार मरुस्थल की रेत ही प्राकृतिक सुरक्षा थी।

जूनागढ़ किले में कौन-कौन से महल हैं?

जूनागढ़ किले में फूल महल, करण महल, अनूप महल, बादल महल, चंद्र महल, हवा महल, गंगा महल और दीवान-ए-खास प्रमुख हैं। हर महल अलग-अलग शासक द्वारा बनवाया गया।

जूनागढ़ किले में कितने दरवाजे हैं?

जूनागढ़ किले में 7 दरवाजे (पोल) हैं। दो मुख्य प्रवेश द्वार — सूरज पोल (पूर्व) और दौलत पोल (पश्चिम)। दौलत पोल पर सती रानियों के हाथों के निशान हैं।

जूनागढ़ किले का संग्रहालय किसने और कब स्थापित किया?

जूनागढ़ किला संग्रहालय 1961 ई. में बीकानेर के अंतिम महाराजा डॉ. करणी सिंह ने स्थापित किया।

राजा रायसिंह को किले बनाने के लिए धन कहाँ से मिला?

राजा रायसिंह अकबर और जहाँगीर के दरबार में सेनापति (general) थे। युद्धों में विजय के पुरस्कार स्वरूप उन्हें गुजरात और बुरहानपुर की जागीरें मिली थीं — इन्हीं से मिले राजस्व से किले का निर्माण हुआ।

📚 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

1जूनागढ़ किला कहाँ स्थित है?
→ बीकानेर शहर, राजस्थान (शहर के मध्य में)
2जूनागढ़ किले का निर्माण किसने करवाया?
→ राजा रायसिंह (बीकानेर के छठे शासक, 1571–1611 ई.)
3जूनागढ़ किले का निर्माण कब हुआ?
→ 1589 से 1594 ई. (शिलान्यास: 17 फरवरी 1589)
4जूनागढ़ किले का मूल/प्रारंभिक नाम क्या था?
→ चिन्तामणि (Chintamani)
5जूनागढ़ किले की निर्माण देखरेख किसने की?
→ करण चंद (राजा रायसिंह के प्रधानमंत्री)
6जूनागढ़ किले में कितने बुर्ज और दरवाजे हैं?
→ 37 बुर्ज और 7 दरवाजे (पोल)
7जूनागढ़ किले के मुख्य दो प्रवेश द्वार कौन से हैं?
→ सूरज पोल (पूर्व) और दौलत पोल (पश्चिम)
8दौलत पोल पर क्या विशेषता है?
→ यहाँ सती होने वाली रानियों के हाथों के निशान (Sati Stambh) अंकित हैं
9जूनागढ़ किले का सबसे पुराना महल कौन सा है?
→ फूल महल (राजा रायसिंह द्वारा निर्मित)
10बादल महल किस लिए प्रसिद्ध है?
→ 450 वर्ष पुराने जल-चित्र (fresco) — नीले बादलों में राधा-कृष्ण
11जूनागढ़ किला राजस्थान के अन्य किलों से कैसे अलग है?
→ यह मैदान पर बना है (पहाड़ी पर नहीं) और कभी नहीं जीता गया
12जूनागढ़ किले को एकमात्र बार किसने जीता और कितने समय के लिए?
→ कामरान मिर्जा (बाबर का पुत्र) ने 1534 ई. में सिर्फ एक दिन के लिए
13जूनागढ़ किला संग्रहालय की स्थापना किसने और कब की?
→ महाराजा डॉ. करणी सिंह ने 1961 ई. में
14जूनागढ़ किले की वास्तुकला शैली क्या है?
→ राजपूत + मुगल + गुजराती शैली का मिश्रण
15बीकानेर की स्थापना किसने की थी?
→ राव बीका ने 1472 ई. में (राव जोधा के पुत्र, राठौड़ वंश)
16महाराजा अनूप सिंह का शासनकाल क्यों प्रसिद्ध है?
→ बीकानेर का स्वर्ण युग (1669–1698 ई.) — अनूप महल और अनूप पुस्तकालय
17जूनागढ़ किले में कौन-कौन से मंदिर हैं?
→ हर मंदिर, रतन बिहारी मंदिर, जैन मंदिर
18जूनागढ़ किले की दीवार की लम्बाई, ऊंचाई और क्षेत्रफल क्या है?
→ लम्बाई 986 मीटर | ऊंचाई 40 फीट | क्षेत्रफल 5.28 हेक्टेयर
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📋 सम्पूर्ण सारांश तालिका
किले का नामजूनागढ़ किला (Junagarh Fort)
मूल नामचिन्तामणि (Chintamani)
स्थानबीकानेर शहर, राजस्थान (शहर के केंद्र में)
निर्माण आरंभ17 फरवरी 1589 ई.
निर्माण पूर्ण17 जनवरी 1594 ई.
निर्माणकर्ताराजा रायसिंह (छठे शासक, 1571–1611)
निर्माण प्रभारीकरण चंद (प्रधानमंत्री)
आकृतिआयताकार (Rectangular)
दीवार लम्बाई986 मीटर
दीवार ऊंचाई40 फीट (12 मीटर)
क्षेत्रफल5.28 हेक्टेयर
बुर्जों की संख्या37 बुर्ज
दरवाजों की संख्या7 पोल (दरवाजे)
मुख्य दरवाजेसूरज पोल (पूर्व) + दौलत पोल (पश्चिम)
निर्माण सामग्रीलाल बलुआ पत्थर + संगमरमर
स्थापत्य शैलीराजपूत + मुगल + गुजराती
किले का प्रकारमैदानी किला (Not on hilltop)
प्रमुख महलफूल, करण, अनूप, बादल, चंद्र, हवा, गंगा महल
मंदिरहर मंदिर, रतन बिहारी, जैन मंदिर
संग्रहालय स्थापना1961 ई. — महाराजा डॉ. करणी सिंह
विशेषताकभी नहीं जीता गया (एकमात्र — 1534 में 1 दिन)
एकमात्र विजेताकामरान मिर्जा (बाबर का पुत्र) — सिर्फ 1 दिन

✍️ याद रखने की ट्रिक — JUNAGARH

Jai Rai Singh (निर्माणकर्ता)  |  Unconquered (कभी नहीं जीता)  |  Name original = Chintamani  |  Anup Mahal (स्वर्ण युग)  |  Gates = 7  |  Area = 5.28 Ha  |  Roy = 37 Bastions  |  Hero = Karan Chand (PM)

"1589 रायसिंह → चिन्तामणि → 7 पोल → 37 बुर्ज → कभी नहीं जीता → 1961 संग्रहालय"

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